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जोक्स

1. पिता ( बेटे से ) - देखों बेटे , जुआ नहीं खेलते | यह ऐसी आदत हैं कि यदि इसमें आज जीतोगे तो कल हारोगे , परसों जीतोगे तो उससे अगले दिन हार जाओगे |
बेटा - बस , पिताजी ! मैं समझ गया , आगे से मैं एक दिन छौड़कर खेला करूंगा |

2.गब्बर: कितने आदमी थे?

सांभा: सरदार दो।

गब्बर: मुझे गिनती नहीं आती, दो कितने होते हैं?

सांभा: सरदार दो, एक के बाद आता है।

गब्बर: और दो के पहले?

सांभा: दो के पहले एक आता है सरदार।

गब्बर:तो बीच में कौन आता है?

सांभा: बीच में कोई नहीं आता सरदार।

गब्बर: तो फिर दोनों एक साथ क्यों नहीं आते?

सांभा: एक के बाद ही दो आ सकता है क्योंकि दो, एक से बड़ा है सरदार।

गब्बर: दो, एक से कितना बड़ा है।

सांभा: दो, एक से एक बड़ा है सरदार।

गब्बर:अगर दो, एक से एक बड़ा है तो एक, एक से कितना बड़ा है?

सांभा: सरदार अब आप मुझे गोली ही मार दो मैंने आप नमक ही खाया है च्यवनप्राश नही।

 

3. अध्यापक ( छात्रों से ) - अगर न्यूटन पेड़ के नीचे नहीं बैठते और उनके सिर के ऊपर सेब नहीं गिरता तो गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत हमें कैसे पता चलता |

छात्र - सर ! बिलकुल सही कहा आपने , अगर न्यूटन हमारी तरह क्लास में बैठकर इसी तरह किताब पढ़ रहे होते तो वो भी कोई आविष्कार नहीं कर पाते

 

4. साहित्य प्रेमी दूल्हा सुहागरात को अपनी दुल्हन से बोला - प्रिय , आज से ही तुम मेरी कविता हो , भावना हो कामना हो | दुल्हन ने यह सुनकर दूल्हे से कहा - मेरे लिए भी आज से तुम ही मेरे दिनेश हो ,सुरेश हो , राकेश हो , |

 

5. प्रेमी ने अपनी प्रेमिका से पूछा - डियर ! मैं तुम्हारे पिताजी से शादी की बात किस समय करूं ?
प्रेमिका ने कहा - जब कभी मेरे पिताजी के पैर में जूते न हों |

 

6. एक छात्र ने गणित के अध्यापक से कहा - सर ! अंग्रेजी के अध्यापक तो अंग्रेजी में बातें करते है | आप भी गणित में बात क्यों नहीं करतें ? गणित अध्यापक - ज्यादा तीन पांच न कर फोरन नौ -दो ग्यारह हो जा , नहीं तो चार पांच रख दूगां तो छठी का दूध याद आ जाएगा |